एसएससी जीडी 2018 : छात्रों ने जंतर मंतर पर किया प्रदर्शन, सोशल मीडिया पर भी रखी अपनी बात

देश में समय चारो तरफ बेरोजगारी का आलम है। कहीं छात्र भर्ती निकलने के लिए आंदोलन कर रहे हैं तो कहीं नियुक्ति पत्र के लिए। इसी तरह का एक आंदोलन पिछले एक साल से एसएससी जीडी के छात्रों द्वारा किया रहा है।

आज हम आपको बताने वाले हैं कि एसएससी जीडी के इन छात्रों का पूरा मामला क्या है।

2018 में विज्ञापन, 2021 में रिजल्ट

ये सभी छात्र साल 2018 में एसएससी जीडी की भर्ती को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पूरा मामला यह है कि एसएससी जीडी 2018 की भर्ती में कुल 54953 पद थे। जिसकी परीक्षा मार्च 2019 में होती है और इसके बाद शारीरिक परीक्षा और मेडिकल आदि करवाने में आयोग 3 साल से अधिक का समय ले लेता है।

21 जनवरी को 2021 को एसएससी जीडी 2018 का रिजल्ट जारी किया जाता है और यहीं से सारे विवाद की शुरुआत होती है।

फाइनल रिजल्ट में कुल 95 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों पास किया जाता है लेकिन अब मेरिट के अनुसार सिर्फ 54953 अभ्यर्थियों को ही नौकरी मिल सकती है। बाकी बचे छात्र 3 साल की मेहनत के बावजूद भी नौकरी से वंचित रह जायेंगे।

कई छात्र हो गए हैं ओवर एज

ध्यान देने वाली ये है कि इनमे से कई अभ्यर्थियों की आयु सीमा भी अधिक हो चुकी जिससे वे अब आने वाली भर्तियों के लिए आवेदन भी नहीं कर पाएंगे।

अभ्यर्थियों का कहना है की एसएससी की लापरवाही और लेट लतीफी की वजह से उनके 3 साल पूरी तरह से बर्बाद हो गए। जिस वजह से बाकी बचे जितने भी लगभग 40 हजार अभ्यर्थी मेडिकली फिट हैं उन्हें नियुक्ति दी जाए।

संसद में सरकार ने माना कि 40 हजार से ज्यादा पद खाली हैं।

आपको बता दें की सरकार संसद में खोद ये भी बता चुकी है कि पैरामिलिट्री में लगभग 40 हजार से ज्यादा पद रिक्त पड़े हुए हैं।

अभ्यर्थियों का कहना है इन्हीं पदों को बाकी बचे 40 हजार अभ्यर्थियों को दे देना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर सभी एसएससी जीडी के अभ्यर्थी लगातार एक साल से आंदोलन कर रहे हैं।

इसी मुद्दे को लेकर अभी भी दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों का धरना जारी है। इसके अलावा ट्विटर पर भी छात्रों ने पूरे दिन #SSCGD_युवा_मांगे_नियुक्ति के तहत टॉप ट्रेडिंग में रहा और हुक्मरानों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करता रहा।

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